Chapter 1

Ahsaas

Poetry 💕💕 by Avinash kumar Maurya

Let's have a look

इक तुम हो कि शोहरत की हवस ही नहीं जाती,

इक हम हैं कि हर शोर से उकताए हुए हैं....

........... फ़रीहा नक़वी

नजरे मिली तो बात नहीं कर सकुंगा मैं

दो काम एक साथ नहीं कर सकुंगा मैं